Lok Sabha Chunav 2019: Bjp Writes To Ec Over Alleged Biopic Of West Bengal Cm Mamata Banerjee  – ममता बनर्जी की ‘बायोपिक’ पर प्रतिबंध लगाने की मांग, भाजपा ने चुनाव आयोग को लिखा पत्र

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 17 Apr 2019 03:55 PM IST

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (फाइल फोटो)
– फोटो : PTI

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बायोपिक पर रोक लगने के बाद अब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की जीवन पर बनी फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) ने चुनाव आयोग को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की बायोपिक के खिलाफ शिकायती पत्र लिखा है।

बता दें कि ममता बनर्जी की जीवन पर बनी ‘बाघिनी’ नाम की फिल्म 3 मई को रिलीज होनी है।  भाजपा ने ममता से सवाल किया कि जब वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साध रही थीं तो अब चुप क्यों हैं?
 

इसके अलावा सीपीआई (एम) के नेताओं ने भी इस सिलसिले में चुनाव आयोग से मुलाकात कर फिल्म के ट्रेलर पर बैन लगाने की अपील की है। सीपीआई (एम) ने कहा कि इस फिल्म का असर चुनाव पर पड़ सकता है। वहीं फिल्म के निर्माता नेहाल दत्त का दावा है कि ये बायोपिक नहीं बल्कि महिलाओं के संघर्ष की कहानी है। 

गौरतलब है कि 10 अप्रैल को प्रधानमंत्री मोदी के जीवन पर बनी फिल्म की रिलीज पर चुनाव आयोग प्रतिबंध लगा चुका है। इसके बाद उच्चतम न्यायालय ने 15 अप्रैल को चुनाव आयोग से कहा था कि वह विवेक ओबेरॉय अभिनीत पीएम मोदी की बायोपिक को देखे और इस बात का निर्णय ले कि उसपर प्रतिबंध लगना चाहिए या नहीं। अदालत ने आयोग से कहा था कि वह अपना जवाब 22 अप्रैल तक एक सीलबंद लिफाफे में दे। आयोग द्वारा फिल्म पर प्रतिबंध लगाए जाने के खिलाफ फिल्म निर्माता उच्चतम न्यायालय पहुंचे थे। 
 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बायोपिक पर रोक लगने के बाद अब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की जीवन पर बनी फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) ने चुनाव आयोग को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की बायोपिक के खिलाफ शिकायती पत्र लिखा है।

बता दें कि ममता बनर्जी की जीवन पर बनी ‘बाघिनी’ नाम की फिल्म 3 मई को रिलीज होनी है।  भाजपा ने ममता से सवाल किया कि जब वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साध रही थीं तो अब चुप क्यों हैं?
 

इसके अलावा सीपीआई (एम) के नेताओं ने भी इस सिलसिले में चुनाव आयोग से मुलाकात कर फिल्म के ट्रेलर पर बैन लगाने की अपील की है। सीपीआई (एम) ने कहा कि इस फिल्म का असर चुनाव पर पड़ सकता है। वहीं फिल्म के निर्माता नेहाल दत्त का दावा है कि ये बायोपिक नहीं बल्कि महिलाओं के संघर्ष की कहानी है। 

गौरतलब है कि 10 अप्रैल को प्रधानमंत्री मोदी के जीवन पर बनी फिल्म की रिलीज पर चुनाव आयोग प्रतिबंध लगा चुका है। इसके बाद उच्चतम न्यायालय ने 15 अप्रैल को चुनाव आयोग से कहा था कि वह विवेक ओबेरॉय अभिनीत पीएम मोदी की बायोपिक को देखे और इस बात का निर्णय ले कि उसपर प्रतिबंध लगना चाहिए या नहीं। अदालत ने आयोग से कहा था कि वह अपना जवाब 22 अप्रैल तक एक सीलबंद लिफाफे में दे। आयोग द्वारा फिल्म पर प्रतिबंध लगाए जाने के खिलाफ फिल्म निर्माता उच्चतम न्यायालय पहुंचे थे। 
 





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