High Court Order To Real Estate Company Super Tech Directors Surrender Within 30 Days  – सुपरटेक के निदेशकों को अदालत से झटका, 30 दिन में समर्पण का आदेश

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Updated Thu, 16 May 2019 12:12 AM IST

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रियल एस्टेट कंपनी सुपरटेक के निदेशकों को अदालत से बड़ा झटका लगा है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ग्रीन बेल्ट पर दुकान बनाकर बेचने के मामले में उनकी गिरफ़्तारी पर रोक लगाने का आदेश समाप्त कर दिया है। 

इसके साथ ही कम्पनी के निदेशक सहित चारों आरोपियों को 30 दिन में अधीनस्थ अदालत में समर्पण करने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति एसडी सिंह ने दिया है। कोर्ट ने कहा है कि वे यदि जमानत अर्जी देते हैं तो उसे अमरावती केस के फैसले के अनुसार निर्णय किया जाय। यह अवधि पांच जून को पूरा होगी। 

मालूम हो कि वैशाली की सोनम रुंगटा ने सुपरटेक के निर्माणाधीन व्यावसायिक काम्प्लेक्स में वर्ष 2006 में 15 लाख 70 हजार रुपये में दुकान लिया था। ग्रीन बेल्ट पर  बनी दूकानों को जीडीए ने अवैध बताकर ध्वस्त कर दिया था। तब रूंगटा ने सुपरटेक के पदाधिकारियों से पौने अठारह लाख रुपये मांगे थे। 

बाद में रुपये नहीं देने पर इंदिरापुरम थाने में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया था। रिपोर्ट में धोखाधडी के आरोप में सुपरटेक के चैयरमेन आरके अरोड़ा, ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर संगीता अरोड़ा, एमडी मोहित अरोड़ा और निदेशक जीएल खेड़ा को नामजद कराया था। 

सीजेएम कोर्ट ने बीते वर्ष सभी आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। इसके बाद आरोपियों ने उच्च न्यायालय में याचिका कर गिरफ्तारी पर रोक का आदेश प्राप्त कर  लिया था।

रियल एस्टेट कंपनी सुपरटेक के निदेशकों को अदालत से बड़ा झटका लगा है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ग्रीन बेल्ट पर दुकान बनाकर बेचने के मामले में उनकी गिरफ़्तारी पर रोक लगाने का आदेश समाप्त कर दिया है। 

इसके साथ ही कम्पनी के निदेशक सहित चारों आरोपियों को 30 दिन में अधीनस्थ अदालत में समर्पण करने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति एसडी सिंह ने दिया है। कोर्ट ने कहा है कि वे यदि जमानत अर्जी देते हैं तो उसे अमरावती केस के फैसले के अनुसार निर्णय किया जाय। यह अवधि पांच जून को पूरा होगी। 

मालूम हो कि वैशाली की सोनम रुंगटा ने सुपरटेक के निर्माणाधीन व्यावसायिक काम्प्लेक्स में वर्ष 2006 में 15 लाख 70 हजार रुपये में दुकान लिया था। ग्रीन बेल्ट पर  बनी दूकानों को जीडीए ने अवैध बताकर ध्वस्त कर दिया था। तब रूंगटा ने सुपरटेक के पदाधिकारियों से पौने अठारह लाख रुपये मांगे थे। 

बाद में रुपये नहीं देने पर इंदिरापुरम थाने में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया था। रिपोर्ट में धोखाधडी के आरोप में सुपरटेक के चैयरमेन आरके अरोड़ा, ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर संगीता अरोड़ा, एमडी मोहित अरोड़ा और निदेशक जीएल खेड़ा को नामजद कराया था। 

सीजेएम कोर्ट ने बीते वर्ष सभी आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। इसके बाद आरोपियों ने उच्च न्यायालय में याचिका कर गिरफ्तारी पर रोक का आदेश प्राप्त कर  लिया था।





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